अंड


स.सि. २/३३/१८६. यन्नखत्वक्सदृशमुपात्तकाठिन्यंशुक्रशोणित-
परिवरण परिमण्डलं तदण्डम् । - जो नख की त्वचा केे समान कठिन है, गोल है, और जिसका आवरण शुक्र और शोणितसे बना है उसेअण्ड कहते हैं। (रा. वा. २/३३/२/१४३/३२) (गो. जी./जी.प्र. ८४/२०७)

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